बर्फ पानी पर क्यों तैरता है - Barf Panee Par Kyo Tairta Hai

क्या आप लोग जानते हैं बर्फ पानी पर क्यों तैरता है। वह डूबता क्यों नहीं है अपने कई बार देखा होगा अपने घर में कि अगर आप बर्फ के टुकड़े को पानी के गिलास में डाल देते हो तो बर्फ का टुकड़ा तैरता है बर्फ का टुकड़ा पानी मे डूबता क्यों नहीं है तो यह ऐसा होता किस लिए तो है आज हम इसी बात को अच्छे से जानेंगे की बर्फ पानी पर क्यों तैरता है।

आपने पढ़ा ही होगा कि कोई भी ठोस वस्तु जैसे पत्थर अगर आप उसको पानी में डालते हैं तो वह डूब जाता है लेकिन बर्फ डूबता क्यों? कोई भी ठोस वस्तु तरल वस्तु में डालते ही डूब जाती है पर यह तैरती कैसे हैं? मै आपको पूरा समझाने की कोशिश करूंगा |


Barf Panee Par Kyo Tairta Hai


    बर्फ पानी पर क्यों तैरता है

    Barf Panee Par Kyo Tairta Hai - अगर मैं आप को विज्ञान की भाषा में कहूं तो बर्फ(ICE) का घनत्व पानी से थोड़ा कम होता है इसीलिए जब हम बर्फ को पानी में डालते हैं तो वह अपने ऊपर का कुछ पानी हटा देती है और इसी पानी के आयतन का भार बर्फ के भार से अधिक होता है इसीलिए बर्फ पानी में तैरती है  |  पदार्थ की तीन रूपों का ठोस, द्रव, गैस घनत्व अलग अलग होता है किसी पदार्थ का घनत्व पानी से कम होता है उसके तैरने का कारण उसका घनत्व है।

    अगर मैं आपको सिंपल भाषा या आसान भाषा में समझाऊं तो बर्फ का वजन पानी के वजन से कम होता है आप इसे चेक भी कर सकते हैं जैसे कि आप एक गिलास पानी लीजिए और एक गिलास बर्फ लीजिए उन दोनों का वजन कीजिए पानी का वजन ज्यादा होगा और बर्फ(ICE) का वजन कम होगा | बर्फ जल से हल्की होने के कारण उस पर तैरती है |

    आर्किमिडीज़ के सिद्धांत में भी कहा गया है की किसी भी तरल पदार्थ में कोई भी डूबी हुई चीज पर उत्प्लावन बल लगता है इसी बल के कारण हटाए तरल पदार्थ के वजन के बराबर होता है| इसी कारण बर्फ अपने वजन के बराबर का पानी हटा देता हैं |


    बर्फ का वजन पानी से कम क्यों होता है 

    बहुत सारे लोग यह भी जानना चाहते होंगे कि बर्फ़ का वजन आखिरकार पानी से कम क्यों होता है क्योंकि बर्फ के अणुओं के बीच में उपस्थित हाइड्रोजन बंध के कारण होता है अगर बर्फ या पानी का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर होता है तो उस में हाइड्रोजन बंध नहीं पाया जाता है

    जब भी कोई वस्तु या पदार्थ द्रव अवस्था से ठोस अवस्था में आता है तो उसके अणु बहुत पास पास आ जाते हैं जिससे उसका वजन बढ़ जाता है वस्तु भारी हो जाती है 

    जब भी पानी ठोस अवस्था में बदलता है तो हाइड्रोजन आयन अर्थात ++ ऑक्सीजन आयन ++ को दूर रखने की कोशिश करते हैं जिससे अणु ज्यादा पास नहीं आते हैं और बर्फ ठोस तो हो जाती है लेकिन उसका वजन हल्का रहता है|



    किस गैस को ड्राई आइस कहते हैं और क्यों ?

    ड्राई आइस को ठोस रूप में कार्बन डाइऑक्साइड होती है जब भी कोई गैस ठंडी होती है अर्थात ठोस में होती है तो वह बर्फ की तरह दिखाई देती है ड्राई आइस मुख्यतः ठंड में उपयोगी होती हैं

    ड्राई आइस का उपयोग -109 पॉइंट 3 डिग्री फारेनहाइट या  -78.5 डिग्री सेल्सियस पर ड्राई आइस उपयोग होती है 

    आप यह बात नहीं जानते होंगे कि ड्राई आइस को आप फ्रिज में नहीं रख सकते क्योंकि वह इतना ज्यादा ठंडा होता है कि फ्रीजर भी बंद हो जाएगा ड्राई आइस फ्रीज़र के थर्मोस्टेट को खराब कर देता है जिससे आप का फ्रिज एक टूट भी सकता है


    निषकर्स 

    तो आप लोगों को समझ में आ गया होगा कि Barf Panee Par Kyo Tairta Hai in Hindi, और आपको पूरी जानकारी मिल है होगी, मैंने आपको दोनों भाषा मे समझा दिया है और ice के तैरने की वजह उसकी संरचना हैं।अगर आपको पसंद आया तो अपने सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करे और कुछ डाउट हो तो आप कमेंट कर सकते हैं। ऐसे और पोस्ट हमारे ब्लॉग पर आपको मिलती रहेगी |



    टिप्पणी पोस्ट करें

    0 टिप्पणियां